तुमने ही कहा था भूल जाओ मुझे।
तुमने ही कहा था दूर हो जाओ मुझसे।
अब जो थमने को है साँसे मेरी तो क्यों रोकना चाहते हो मुझे।
भूल के ज़माने को क्यों सीने से लगाना चाहते हो मुझे।।
ये ज़माने की रुस्वाई का डर है।
या सच में बेपनाह चाहने लगे हो मुझे।।-VAIBHAVRV
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा
-
आज ऑफिस जाते वक़्त जब घर से कार ले कर निकला ही था के कुछ दूर जाते ही कार ख़राब हो गयी। पास के गैराज में जा कर मिस्त्री को दे आया के शाम तक...
-
वो तो माँ थी जो सब सह गयी। कभी खाना पसंद का न था तो कभी पहनने को कपड़े, फिर भी वो चुप थी। ऑफिस की गुस्सा उसपर चिल्ला कर निकालना भी तुम्हे सही...
No comments:
Post a Comment