Wednesday, June 26, 2019

तुम्हारी चाहत

तुम्हारी आँखों मे देख के तुम्हारे हाथों को थाम कर मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ।
हाँ सारी ज़िन्दगी तुम्हारे साथ जीना चाहता हूँ।।
पर ये चाहत अधूरी ही रहे अच्छा है।
न ख़्वाब हो पूरे अच्छा है।।

वरना प्यार तुम्हे भी हो जाएगा, फिर ये जहां न ये सह पायेगा।
आ कर हम दोनों के बीच सनम ये हमको जुदा ये करवायेगा।।
मैं तो तन्हा फिर हो जाऊँगा घूँट अश्क़ के पी जाऊंगा।
है पता मुझे तुम ये दर्द नही सहपाओगी दूर न मुझसे रह पाओगी।।
सच कहता हूँ जान मेरी, तेरी आंखों की वो नमी। न चैन से मुझको जीने देगी न दूर वो मुझको होने देगी।।
फिर दूर कहाँ मैं हो पाऊँगा, रख सिर तेरे दामन में सारी उम्र को मैं सो जाऊँगा।.......-VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा