Sunday, March 17, 2019

जब्र

क्या था जब्र इतना जो हो गए मसरूफ़ तुम
इश्क़ की सिलवटे छुपाने में।
क्या पहचान मिटानी है मेरी या बस बचा रहे हो ज़माने से।। -VAIBHAVRV

Thursday, March 14, 2019

सब बात तेरी


साथ रह जायेगी याद तेरी ।
खो जाएगी सब बात तेरी ।।
बस तन्हाई सी है जिंदगी में ।
बेबसी सी है हर कहीं ।।
याद करता हूँ जब उसको ।
पाता हूँ तनहा खुद को ।।


थे साथ कभी हम ।
आज तन्हा हो गए है ।।
जाने पहचाने रास्ते जो थे ।
वो अनजान हो गए है ।।
साथ रह जायेगी याद तेरी ।
खो जाएगी सब बात तेरी ।।
VAIBHAV VERMA
18/07/2012



Saturday, March 9, 2019

मेरेलफ़्जोंसे

वक़्त से बेवक़्त लड़ना सिखाया है तुमने
यूँ ही नाम ज़िन्दगी नही है तेरा -VAIBHAVRV

Tuesday, March 5, 2019

होती होगी रात तुम्हारे चाँद के निकले की
मेरा चाँद तो ज़हन में हर वक़्त चांदनी बिखेरता है-VAIBHAVRV

 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा