Friday, April 20, 2018

ऐतबार न किया


आज भी जिंदा है वो शख्स मेरे अंदर
ताउम्र जिसने टूट कर तुझे प्यार किया
छुपाये बैठे है लाख सवाल सीने के अंदर
पूछे भी कैसे पहले भी तुमने जवाब न दिया
अब सोचते है देदे जान किसी रोज़ हम भी
पर क्या हो जो तूने उसका भी ऐतबार न किया- VAIBHAVRV

No comments:

 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा