हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
आज भी जिंदा है वो शख्स मेरे अंदर ताउम्र जिसने टूट कर तुझे प्यार किया छुपाये बैठे है लाख सवाल सीने के अंदर पूछे भी कैसे पहले भी तुमने जवाब न दिया अब सोचते है देदे जान किसी रोज़ हम भी पर क्या हो जो तूने उसका भी ऐतबार न किया- VAIBHAVRV
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