Friday, August 9, 2019

मेरी महफ़िल में कुछ चराग़ बस इसलिए जलते है।
कि जब जाए मुझे तन्हा छोड़ कर तुझे कही कोई ठोकर न लगे।।-VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा