हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
ये कैसी इश्क़ की शुरुआत हुई। ख़्याल, फ़िक़्र, परवाह सब भूल गए बस जिस्मों के मिलने की बात हुई ।। -VAIBHAVRV
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कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा
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