Friday, February 28, 2020

मेरेलफ़्जोंसे 10

#merelafzonse

छुपा के अपनी आँखों का आब रखते है।

सीने में दबे दर्द के कुछ सैलाब रखते है।।-VAIBHAV RASHMI VERMA 

उलझने कुछ कम न थी ज़िन्दगी में

और तुम नज़रे मिलाने आ गए।-VAIBHAV RASHMI VERMA


तेरे खतों का सिलसिला अब खत्म हो गया है।

मॉडर्न हो गए हो या मोहब्बत नही रही।।-VAIBHAV RASHMI VERMA


तुम्हे मेरी मोहब्बत के फ़साने क्या सुनाऊँ।

जो रहे अधूरे को तराने क्या सुनाऊँ।।

होती होगी ग़ैरों से मुलाकात तुम्हारी।

हम तो रहे भीड़ में भी अकेले ये किसको बताऊं।।-VAIBHAV RASHMI VERMA

काश कि तुमको समझा सकता

ये इश्क़ मेरा गलत तो नही।

बस चाहते तुम्हारी खुशी है

चाहें रहे साथ मेरे ग़म गलत तो नही।।-VAIBHAV RASHMI VERMA

©merelafzonse

No comments:

 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा