Tuesday, December 10, 2019

कब देखा है तुमने

कब देखा है तुमने?
मेरी रुकती चलती साँसों को, ख़ामोशी में बहती इन आँखों को।
हर बार हर शायरी में आते तुम्हारे नाम को।।
कब देखा है तुमने?
मेरे पर्स में रखी तुम्हारी फ़ोटो को, मेरी किताब में रखे तुम्हारे नाम के गुलाब को।
तुम्हारे ख़्वाबों में जीते मेरे ख़्वाब को, तुम्हारे लिए मेरे दिल के एहसास को।।
कब देखा है तुमने?-VAIBHAV RASHMI VERMA
©merelafzonse

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा