Monday, October 7, 2019

रोता हूँ बहुत पर आँखों मे आँसुओ का कतरा नही आता।
हाँ मैं वही सैलाब हूँ जो कभी साहिल से नही टकराता।।-VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा