Tuesday, April 10, 2018

बाकी है

लबों पर हँसी लाना बाकी है
पलको के अश्क छुपाना बाकी है
छीन के दिल से धड़कन मेरे
कह गए अभी तो ज़िन्दगी और बाकी है-VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा