हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
#इश्क़वादेवफ़ा
मोहब्बत के नाम पैग़ाम क्या भेजा ज़माना रूठ गया आँखों ने आँखों को जाम क्या भेजा ज़माना रूठ गया करते रहे मोहब्बत की बाते तो ठीक था थामने को हाथ से हाथ का फ़रमान क्या भेजा ज़माना रूठ गया -VAIBHAVRV
Post a Comment
कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा
No comments:
Post a Comment