तुमने अश्कों से लिखा होगा नाम मेरा।
वरना तपती रेत यूँ नम न होती।।-VAIBHAVRV
Friday, June 28, 2019
Wednesday, June 26, 2019
तुम्हारी चाहत
तुम्हारी आँखों मे देख के तुम्हारे हाथों को थाम कर मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ।
हाँ सारी ज़िन्दगी तुम्हारे साथ जीना चाहता हूँ।।
पर ये चाहत अधूरी ही रहे अच्छा है।
न ख़्वाब हो पूरे अच्छा है।।
वरना प्यार तुम्हे भी हो जाएगा, फिर ये जहां न ये सह पायेगा।
आ कर हम दोनों के बीच सनम ये हमको जुदा ये करवायेगा।।
मैं तो तन्हा फिर हो जाऊँगा घूँट अश्क़ के पी जाऊंगा।
है पता मुझे तुम ये दर्द नही सहपाओगी दूर न मुझसे रह पाओगी।।
सच कहता हूँ जान मेरी, तेरी आंखों की वो नमी। न चैन से मुझको जीने देगी न दूर वो मुझको होने देगी।।
फिर दूर कहाँ मैं हो पाऊँगा, रख सिर तेरे दामन में सारी उम्र को मैं सो जाऊँगा।.......-VAIBHAVRV
Monday, June 24, 2019
बेपनाह चाहत
तुमने ही कहा था भूल जाओ मुझे।
तुमने ही कहा था दूर हो जाओ मुझसे।
अब जो थमने को है साँसे मेरी तो क्यों रोकना चाहते हो मुझे।
भूल के ज़माने को क्यों सीने से लगाना चाहते हो मुझे।।
ये ज़माने की रुस्वाई का डर है।
या सच में बेपनाह चाहने लगे हो मुझे।।-VAIBHAVRV
ज़रूरी था
रहते है वो रूठ के हमसे ज़माने भर में।
देख के उन्हें महफ़िल में मुस्कुराना भी ज़रूरी था।।
ज़रूरी था तेरी आँखों मे डूब जाना मगर।
तेरा मुझसे नज़रे मिलना भी ज़रूरी था।।-VAIBHAVRV
©merelafzonse
Saturday, June 22, 2019
बेवज़ह
हो कर दूर जाना है बेवज़ह न छलकी थी आँखें मेरी।
शायद तुम्हे ही नही दिखा वो प्यार जो छुपा था पलको के नीचे।। -VAIBHAVRV
Friday, June 21, 2019
गुज़ारिश
इतनी सी है गुज़ारिश कि
मुझको तुम इतना टूट के चाहो कि तुम्हे भूल न पाऊँ।
भूल जो जाऊं तो तुझ बिन जी न पाऊँ।।-VAIBHAVRV
Sunday, June 16, 2019
मेरेलफ़्जोंसे7
काश ये दिल समझ जाता हर बात कहने के पहले।
हम खुद को संभाल लेते तेरे दूर जाके के पहले।।-VAIBHAVRV
©merelafzonse
Saturday, June 15, 2019
Thursday, June 13, 2019
मेरेलफ़्जोंसे 5
जानता नही दिल की बात तुझसे मैं कैसे कहदूँ।
लिखदूँ ग़ज़ल या कोई शायरी करदूँ।।
करदूँ खुद को तेरे नाम या तुझे अपना हिस्सा करदूँ।
या भूल के तुझे खत्म अपने इश्क़ का किस्सा करदूँ।।-VAIBHAVRV
Monday, June 10, 2019
नींद
आंखों ने अब नींद चढ़ी है, नज़रे अब छत पर ही गड़ी है।
मैं तो चाहूँ कुछ पल को सोना, भूल के सारा रोना धोना।।-VAIBHAVRV
Sunday, June 9, 2019
हर्फ़ 2
जिसने मेरी आँखें न पढ़ी वो अब हर लफ़्ज़ मेरे पढ़ लेती है।
लिखता नही उसका नाम कहीं पर हर हर्फ़ में अपना नाम पढ़ लेती है।।-VAIBHAVRV
Friday, June 7, 2019
पिंजड़ा
वो तो पिंजड़े को अपना जहाँ बना लेता है।।
जीना तो तुझसा था मगर
तू भी उसे ला कर गुलाम बना लेता है। -VAIBHAVRV
Tuesday, June 4, 2019
कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा
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आज ऑफिस जाते वक़्त जब घर से कार ले कर निकला ही था के कुछ दूर जाते ही कार ख़राब हो गयी। पास के गैराज में जा कर मिस्त्री को दे आया के शाम तक...
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वो तो माँ थी जो सब सह गयी। कभी खाना पसंद का न था तो कभी पहनने को कपड़े, फिर भी वो चुप थी। ऑफिस की गुस्सा उसपर चिल्ला कर निकालना भी तुम्हे सही...