Friday, June 21, 2019

गुज़ारिश

इतनी सी है गुज़ारिश कि
मुझको तुम इतना टूट के चाहो कि तुम्हे भूल न पाऊँ।
भूल जो जाऊं तो तुझ बिन जी न पाऊँ।।-VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा