Thursday, January 21, 2021

वो तो माँ थी

वो तो माँ थी जो सब सह गयी।
कभी खाना पसंद का न था तो कभी पहनने को कपड़े, फिर भी वो चुप थी।
ऑफिस की गुस्सा उसपर चिल्ला कर निकालना भी तुम्हे सही लगा, पर उसने कुछ नही कहा।।
वो तो माँ थी जो सब सह गयी।
खुद भूखी रहती थी पर तुम्हारे लिखे बचा के रखती थी।
खुद बीमार थी पर तुम्हारे रोने भर से रात भर जागी थी।।
सारी उम्र लोगो के ताने सुने थे इसलिए तुमको कहाँ कुछ कहती थी।
तुम्हारी गुस्से में कही बातें चुभती थी पर वो कहाँ कुछ कहती थी।।
वो तो माँ थी जो सब सह गयी।-VAIBHAV RASHMI VERMA

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा