मैं कौन हूँ?©
लोग कहते है तुम शायर हो कुछ कहते है तुम कहानीकार हो।
कोई आशिक़ तो कोई पागल भी कहता है।।
पर सवाल तो वही है "मैं कौन हूँ?"
तुम कहते हो मैं समाज का आईना हूँ।
समाज की बात समाज के सामने जो रखता हूँ।
वो कहता है कि मैं एक दोस्त हूँ जो दूसरों के अकेलेपन का साथी बन जाता हूं।।
एक कहता है कि मैं खुद ही खुद का दर्द हूँ जो शब्दो मे नज़र आता हूँ।
दूसरा कहता है मैं वो शोर हूँ जो सोये समाज को जागता हूँ।।
पर सवाल वही है "मैं कौन हूँ?"
मैं क्या बताऊँ अब की "मैं कौन हूँ?"- VAIBHAV RASHMI VERMA
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