Saturday, June 6, 2020

मेरेलफ़्जोंसे 17

वो खत थे मेरे तेरे नाम के।
जिन्हें लोगो ने ग़ज़ल का नाम दिया है।।-VAIBHAV RASHMI VERMA

मुर्दे को भी जीना सिखाओगे क्या।
आशिक़ हूँ मुझे इश्क़ सिखाओगे क्या।।- VAIBHAV RASHMI VERMA

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा