Monday, June 22, 2020

शिवालो में

भटके भटके फ़िरे जहां में।
गलियों और चौबारों में।।
हमे मिला खुद के ही भीतर।
तुमने क्या देखा शिवालो में।।-VAIBHAV RASHMI VERMA

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा