Saturday, November 24, 2018

विकलांग कौन

दो दिन पहले ही वो मिली थी, सबसे हँस कर बात करने वाली, अपने मन की करने वाली। पर जब आज मैं कॉलेज जाने के लिए बस स्टॉप पर पहुंचा वो वहाँ नही थी। आस -पास के दुकान वालो से पूछा तो पता चला के प्रिया अब यहां कभी नही आएगी । सुन कर थोड़ा अटपटा सा लगा तो उसके घर का पता लेकर वहाँ से सीधा प्रिया के घर चला गया। वहाँ गया तो जिस्म जैसे पत्थर की मूरत बन गया, न हिल सका न कुछ बोल सका।प्रिया के घर की दीवार पर प्रिया की तस्वीर थी जिसमे ताजे फूलो की माला था। वो मेरी थी तो कुछ नही पर आंखे अपने आप नम हो गयी। जब प्रिया की माँ ने मुझे देखा तो फूट फूट के रोती हुई मेरे सीने लग के रोने लगी। मैंने जब पूछा "माँ जी ये सब कैसे हो गया " तो उन्होंने बताया के दो दिन पहले जब मैं उसकी दुकान से चाय पी कर निकला था, उसके थोड़ी देर बाद ही वहां कुछ लड़के आये थे जो काफी नशे में थे और बस स्टॉप पर खड़ी किसी लड़की से छेड़खानी करने लगे। प्रिया को ये सब देख कर बहुत गुस्सा आ गया और वो उस लड़को से भिड़ गयी। झगड़े और बीच बचाव में उन लड़कों में से किसी ने प्रिया को गोली मार दी। जैसे ही प्रिया गिरी वो लड़के वहां से भाग गए। वो लड़की तो बच गयी पर प्रिया हमेशा हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई।
जो लड़की खुद चलने को असमर्थ थी, उसने खुद की जान दे कर के अनजान लड़की को बचाया।
ये सब जान कर सिर्फ एक सवाल दिल मे बार बार दस्तक दे रहा था कि "विकलांग कौन ?" वो लड़की जो चलने में असमर्थ हो कर भी किसी की ज़िंदगी बचने के लिए अपनी जान दे गयी या वो लड़के जो नशे में अंधे हो कर एक लड़की की जान ले गए।

VAIBHAV VERMA
9807825061

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा