Pyar ka dard jab hadd se gujar jata hai, ankhon mein samandar utar ata hai, mujhe akela chodh ke tumne bana liya apna ashiyana, magar meri to lehron mein zindgi bikhar gayi. Kabhi jisne mujhe apna naam diya tha, usne apni jindgi mein kisi aur ko shamil kar liya pata nahi ye bewafai hai ya mein hi pyar mein dhokha kha gayi.-VAIBHAVRV
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Monday, November 26, 2018
Sunday, November 25, 2018
बेशक़
बेशक़ इश्क़ है बेफ़िज़ूली पर एक दफ़ा करके तो देखो
लुटाते तो सब है पैसा महबूबा पर यारो एक दफ़ा वफ़ा भी लुटाके तो देखो
ज़रूरी नही हर बार नाम मजनू सा हो जाये तेरा
कभी बिना नाम के मर कर तो देखो यारो
क्यों महबूबा के दामन में छुप जाना चाहते हो
कभी महफ़िल से नज़र मिला के तो देखो
हर बार बात रात की हो ये शालीका तो नही
कभी बात करवट की भी हो तो बात है यारो-VAIBHAVRV
Saturday, November 24, 2018
विकलांग कौन
दो दिन पहले ही वो मिली थी, सबसे हँस कर बात करने वाली, अपने मन की करने वाली। पर जब आज मैं कॉलेज जाने के लिए बस स्टॉप पर पहुंचा वो वहाँ नही थी। आस -पास के दुकान वालो से पूछा तो पता चला के प्रिया अब यहां कभी नही आएगी । सुन कर थोड़ा अटपटा सा लगा तो उसके घर का पता लेकर वहाँ से सीधा प्रिया के घर चला गया। वहाँ गया तो जिस्म जैसे पत्थर की मूरत बन गया, न हिल सका न कुछ बोल सका।प्रिया के घर की दीवार पर प्रिया की तस्वीर थी जिसमे ताजे फूलो की माला था। वो मेरी थी तो कुछ नही पर आंखे अपने आप नम हो गयी। जब प्रिया की माँ ने मुझे देखा तो फूट फूट के रोती हुई मेरे सीने लग के रोने लगी। मैंने जब पूछा "माँ जी ये सब कैसे हो गया " तो उन्होंने बताया के दो दिन पहले जब मैं उसकी दुकान से चाय पी कर निकला था, उसके थोड़ी देर बाद ही वहां कुछ लड़के आये थे जो काफी नशे में थे और बस स्टॉप पर खड़ी किसी लड़की से छेड़खानी करने लगे। प्रिया को ये सब देख कर बहुत गुस्सा आ गया और वो उस लड़को से भिड़ गयी। झगड़े और बीच बचाव में उन लड़कों में से किसी ने प्रिया को गोली मार दी। जैसे ही प्रिया गिरी वो लड़के वहां से भाग गए। वो लड़की तो बच गयी पर प्रिया हमेशा हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई।
जो लड़की खुद चलने को असमर्थ थी, उसने खुद की जान दे कर के अनजान लड़की को बचाया।
ये सब जान कर सिर्फ एक सवाल दिल मे बार बार दस्तक दे रहा था कि "विकलांग कौन ?" वो लड़की जो चलने में असमर्थ हो कर भी किसी की ज़िंदगी बचने के लिए अपनी जान दे गयी या वो लड़के जो नशे में अंधे हो कर एक लड़की की जान ले गए।
VAIBHAV VERMA
9807825061
Thursday, November 22, 2018
भूख
यूँ तो किताबों से बहुत सीखा था मैंने
ज़िन्दगी क्या है मुझे सिखाया तुमने।
रोज़ छोड़ दिया था थाली में मैंने
उठा कर बच्चे का पेट भरा था तुमने।। -vaibhavrv
Tuesday, November 20, 2018
मेरे लफ़्ज़ों से 1
मेरे लफ़्ज़ों से सुनलो हर दर्द मिलेगा इसमे यारों।।
कभी हीर को देखा कभी साहिबा से मिला।
बयाँ करे कहानी इनकी हर लफ़्ज़ अश्क़ का कतरा है यारों।।
थाम के हाथ महबूब का शोलो पर चले थे यारों।
साँसों की गर्मी कभी अश्क़ों की बरसात है ये इश्क़ यारों।।
-VAIBHAVRV
Monday, November 19, 2018
जुदाई
हम खिलाफ़ नही इश्क़ के जो तुमसे दूर दूर रहते है।
बस जुदाई में भी मुस्कुराने का हुनर हम भूल गए है।।-VAIBHAVRV
Friday, November 16, 2018
Haal-e-dil
Bayaan kar bhi diya humne haal-e-dil par aaj bhi wo rahte khafa khafase hai humse.- VAIBHAVRV
Monday, November 12, 2018
यादें
वो ढूंढते रहे ज़माने में इश्क़ यारो थाम हाथ हमारा सरे बाज़ार
काश के देखते पलट के मुझे एक बार दिख जाता इश्क़ आंखों में बेहिसाब
बस वो तो ढूंढते रहे ज़माने में इश्क़ यारो थाम हाथ हमारा सरे बाज़ार-VAIBHAVRV