हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
हम खिलाफ़ नही इश्क़ के जो तुमसे दूर दूर रहते है। बस जुदाई में भी मुस्कुराने का हुनर हम भूल गए है।।-VAIBHAVRV
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