हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
वो ढूंढते रहे ज़माने में इश्क़ यारो थाम हाथ हमारा सरे बाज़ार काश के देखते पलट के मुझे एक बार दिख जाता इश्क़ आंखों में बेहिसाब बस वो तो ढूंढते रहे ज़माने में इश्क़ यारो थाम हाथ हमारा सरे बाज़ार-VAIBHAVRV
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