Wednesday, May 16, 2018

सपने

चल बाँट ले दर्द सारे कुछ तेरे कुछ मेरे,
कर लें सच सपने कुछ  तेरे कुछ  मेरे
होके अपने अब है सभी बेगाने
थे जो साथ कभी कुछ तेरे कुछ मेरे। -VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा