Saturday, May 12, 2018

कोई तो वज़ह होगी

कोई तो वज़ह होगी

रोज़ रात को फ़ोन पे घंटो बात करके सोने की आदत हो गयी थी।
वक़्त पता नही कब और कैसे बदल गया, जो कभी किसी से बात करने से डरता था वो अब सबसे खुल के बात करता है। सब हैरान थे के वो जिस राज को जानते थे क्या ये वही है जो शर्मिला, शांत और अपने मे रहने वाला था।
हाँ! राज को किसी से प्यार हो गया था, और शायद यही वो वज़ह थी जो अब राज किसी से भी बात कर लेता था।
पर कहते है, न कभी कभी कुछ चीज किस्मत तो कुछ चीज अपने कर्मो से मिलती और बिछड़ती है। बस राज की ज़िंदगी मे भी कुछ ऐसा ही हुआ,
ये इसी मिलने और बिछड़ने कहानी है

कहानी जल्द ही आपके सामने प्रस्तुत होगी..........
VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा