Saturday, May 30, 2020

मेरेलफ़्जोंसे 15

1.
मुस्कुराते हुए आऊँ तेरी महफ़िल में कोई रिवाज़ तो नही।
अश्क़ मीठी यादों के लेकर जाऊं तो कोई बात हो।।

2.
तेरे वो ख़त सारे रखे है संभाल कर।
बिस्तर के नीचे कुछ किताब से निकाल कर।।

3.
कुछ नही पता आज क्यों ये आँखें नम है।
तेरे मिलने की खुशी है या बिछड़ न जाये इस बात का ग़म है।।-VAIBHAV RASHMI VERMA

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा