Thursday, November 21, 2019

फ़र्क़

सोचा था कि देखें क्या फ़र्क पड़ता है जब मैं न बात करूँ तुमसे।
फ़र्क पड़ा तो था शायद मेरी नज़रे हमेशा फ़ोन पर रही और तुम्हे मुझसे बेवज़ह बात नही करनी पड़ी।।
मेरे हर मैसेज का जवाब आता था कभी अब तो डिलीट किया गया है कोई मैसेज तुमने जो तुमने अभी भेजा था ये बताने वाला नोटिफिकेशन भी नही आता।।
हाँ शायद फ़र्क पड़ा है मुझे तुमको याद करने से फ़ुरसत नही मिलती तुम्हे औरों से बात करने से।। -VAIBHAVRV
©merelafzonse

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा