हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
बरसता पानी फिर पकौड़े और चाय। भींगा तन और सिंगड़ी की आग।। अबके समय मे खोया ये एहसास। सब रहते है खुद में अब कोई नही पास।।-VAIBHAVRV
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