हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
आज घर के कोने में कुछ शोर हुआ है।
शायद किसी ने तेरे खत छुप के निकाले है।।
रही होंगी मज़बूरियां इनकी भी ज़रूर।
वरना दराज़ों में यूं छुप के रहता कौन है।।-VAIBHAVRV
No comments:
Post a Comment