Tuesday, August 13, 2019

याद 2

खाते थे कसमे रखोगे संभाल के हमारे प्यार की निशानियों को अपनी आखिरी सांस तक।
कैसे बचाओगे उस सूखते दरख़्त को जहाँ लिखा था हम दोनों का नाम एकसाथ।।-VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा