Pages

Sunday, July 14, 2019

गुनाह

तुमको तुमसे चुराया था अपने दिल मे बसाया था।
न लग जाये किसी की नज़र इसलिए जग से छुपाया था।।
और कुछ न था ज़िन्दगी में मेरी एक तेरे सिवा।
बस इतना ही है गुनाह के ये तुझसे छुपाया था।।-VAIBHAVRV

No comments:

Post a Comment