हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
होती होगी रात तुम्हारे चाँद के निकले की मेरा चाँद तो ज़हन में हर वक़्त चांदनी बिखेरता है-VAIBHAVRV
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कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा
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