हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
चल रहे है इश्क़ की राह में हम, तू करे क़बूल ये मुकाम कब आएगा
जितना तड़पते है हम उतना तू भी तड़पता है ये कब पैगाम आएगा
अब तो है इंतज़ार के कब तेरे दिल मे मेरे इश्क़ का तूफ़ान कब आएगा- VAIBHAVRV
No comments:
Post a Comment