मेरे लफ़्ज़ों से
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Tuesday, May 8, 2018
ख़्वाहिश
है जो दिल मे मेरे मुझ तक ही रहने दे
छुपाये थे जो बरसों से पलकों मे
बस आज जरा उन्हे बहने दे।
-VAIBHAVRV
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