Friday, May 25, 2018

शायरी

बदल देते है लफ़्ज़ों को शायरी में हम
शायद तुझे पढ़ना पसंद है - VAIBHAVRV

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 कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा