हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
"आज दिल थोड़ा खुश तो थोड़ा ग़मज़दा भी है वो दिल के करीब तो कुछ जुदा भी है "-VAIBHAVRV (21/05/2017)
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कुछ मुझ सा ही मुझमे रहता है। कौन हूँ मै बस रोज यही कहता है।।- वैभव रश्मि वर्मा
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