हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
ये दिल न लगे अब तुझ बिन तो क्या करे न धड़के ये दिल तुझ बिन तो क्या करे जितना प्यार है तुमसे वो लफ़्ज़ों में पिरोये बैठे है तुमसे एक लफ्ज़ भी न समझा जाये तो क्या करे- VAIBHAVRV
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