हो खुश तो झूम के घर के आंगन में घूमती है
बेवज़ह हर समय बस मेरे नाम को बोलती है
बस इसलिए तो दुनिया उसे दीवानी कहती है
कभी चूड़ी की खनक कभी पायल की छनक में
वो अपने इश्क़ का शहद घोलती है
करती है बेपनाह मोहब्बत पर लबों से कुछ न बोलती है
देख के खुशी मेरी वो अपने ग़म भूलती है
फिर उसका सवाल क्यों दुनिया मुझे दीवानी बोलती है- VAIBHAVRV
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