हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
जब वक्त न था मेरे पास तुम होते थे साथ अब वक्त भी है और मैं भी बस तुम नहीं हो साथ जब सोचा तुमको पाने का बस मिला तन्हाईयों का साथ-VAIBHAVRV
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