Pages

Tuesday, June 23, 2020

मेरेलफ़्जोंसे 19


आएंगे एक दिन शहर तुम्हारे।
इश्क़ का तोहफ़ा लेकर साथ।।
है इश्क़ तुमको भी अगर।
बस थाम लेना मेरा हाथ।।

तेरे हाथों की लकीरों में मेरा नाम नही न सही।
हर बात पे मेरा ज़िक्र तेरे होठो पे आना कम भी  नही।।

खुद को मजनूं कहूँ तो कोई बात नही।
वो भी लैला सी होती तो कुछ बात होती।।

आओ चले आज उस शहर ।
जहां हम तुम साथ होते थे।।
ख़्वाबों में बिछड़ के भी।
हम हक़ीक़त में रोते थे।।-VAIBHAV RASHMI VERMA

No comments:

Post a Comment