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Tuesday, December 10, 2019

कब देखा है तुमने

कब देखा है तुमने?
मेरी रुकती चलती साँसों को, ख़ामोशी में बहती इन आँखों को।
हर बार हर शायरी में आते तुम्हारे नाम को।।
कब देखा है तुमने?
मेरे पर्स में रखी तुम्हारी फ़ोटो को, मेरी किताब में रखे तुम्हारे नाम के गुलाब को।
तुम्हारे ख़्वाबों में जीते मेरे ख़्वाब को, तुम्हारे लिए मेरे दिल के एहसास को।।
कब देखा है तुमने?-VAIBHAV RASHMI VERMA
©merelafzonse

Wednesday, December 4, 2019

रिश्ता

काश कि उसे बता पाता हर बात जो दिल मे छुपी है।
मेरी मोहब्बत चेहरे की हँसी वो ही तो मेरी ज़िंदगी है।।
पर उसे खोने का डर मुझे कुछ कहने नही देता।
इश्क़ है बेइन्तहां उससे मुझे
बस ये डर उससे दिल की बात कहने नही देता।।
वो पूछती है क्या रिश्ता है मेरा उसका जो उसे इतना याद करता हूँ।
अब क्या कहे उससे
उसे खोने का डर मुझे इस रिश्ते को नाम कहाँ देने देता है।।-VAIBHAV RASHMI VERMA
©merelafzonse