हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
खाते थे कसमे रखोगे संभाल के हमारे प्यार की निशानियों को अपनी आखिरी सांस तक। कैसे बचाओगे उस सूखते दरख़्त को जहाँ लिखा था हम दोनों का नाम एकसाथ।।-VAIBHAVRV
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