हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
जिसने मेरी आँखें न पढ़ी वो अब हर लफ़्ज़ मेरे पढ़ लेती है। लिखता नही उसका नाम कहीं पर हर हर्फ़ में अपना नाम पढ़ लेती है।।-VAIBHAVRV
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