रिमझिम रिमझिम मेघ बरसते .
कोयल गाती, मोर थिरकते..
बिजली चमक रही बदल में.
प्रियतम आजाओ सावन में..
मन को लगे सुहाना सावन.
मेहंदी चूड़ी गजरा काजल..
चुनरधानी बिंदियाँ पायल.
तुम बिन सुने लागे सजन..
आजाओ तुम मन के आँगन..
रश्मि वर्मा
