हिंदी शायरी, हिंदी कहानी, स्वरचित रचना
बड़ी बेरुखी से नज़र फेर गए तुम बिन दिल के जीने की सज़ा दे गए तुम वैभव प्यार आज भी उनसे पर ये भी शब्दो मे कह न सके तुम -VAIBHAVRV
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